बुधवार, 27 अगस्त 2008

दूषित पानी से बढ रहीं बीमारियां

मध्य प्रदेश, छतरपुर । जिला चिकित्सालय का बच्चा वार्ड इन दिनों बाल रोगियों से भरा हुआ है। रोगियों की संख्या में तेजी से बढोतरी हो रही है। इन रोगों के पीछे प्रदूषित पानी मुख्य वजह है। गंदा पानी पीकर बच्चे कम प्रतिरोधक क्षमता होने के कारण रोगों की चपेट में आसानी से आ जाते है।
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में इन दिनों आने वाले कुल मरीजों में से 4॰ फीसदी संख्या बाल रोगियों की होती है। ये बाल रोगी उल्टी, दस्त, पेट दर्द के साथ पीलिया जैसी घातक बीमारियों के शिकार निकलते है। जिले के ग्रामीण कस्बाई क्षेत्रों के अस्पतालों में आने वाले मरीजों में से 6॰ फीसदी मरीज बाल रोगी होते हैं।
क्यों होते हैं रोगः बारिश के साथ जमीन में कई अलग-अलग झिरें पानी लेकर जल स्रोतों तक पहुंचती हैं। इनमें कई बार घुली हुई मिट्टी के साथ हानिकारण विषाणु भी पानी में सक्रिय रहते हैं। इस पानी को जब बिना शुद्धिकरण किए बच्चे पीते हैं तो उनके शरीर में विषाणु प्रवेश करके उन्हें रोग ग्रसित बना देते हैं। इन विषाणुओं के कारण बच्चे सामान्य रोगों के साथ कई बार डायरिया और पीलिया की चपेट में आ जाते हैं।
क्या कहते हैं डाक्टरः जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. हृदेश खरे ने बताया कि बारिश में बच्चे सबसे अधिक रोगग्रस्त होते हैं। कई बार बारिश के पानी में अधिक घूमने या नहाने से वे सर्दी-जुखाम और बुखार के शिकार हो जाते हैं। प्रदूषित पानी पीने से उन्हें पेट संबंधी रोग हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में चाट-पकौडी, पूडी, पराठे, आइस्क्रीम और मिठाई खिलाने से परहेज
करना चाहिए। डॉ. खरे का कहना है कि इन सभी चीजों के सेवन से भी रोग बढते है। उनका कहना है कि अधिकांश बच्चों में पेट दर्द, उल्टी- दस्त की शिकायत मिल रही है। कई बच्चे प्रदूषित पानी पीकर बीमार होने के बाद उन्हें समय से उचित इलाज न मिलने से पीलिया जैसे रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इस बारे में पालकों को विशेष रूप से सावधानियां बरतना चाहिए।

1 टिप्पणी:

महामंत्री-तस्लीम ने कहा…

आप एक बेहतर कार्य कर रहे हैं। बधाई स्‍वीकारें।

'तस्‍लीम' ने अपनी एक पोस्‍ट में आपकी चर्चा की है, समय निकाल कर अवश्‍य देखें।

जाकिर अली 'रजनीश'